बिना सुई व दवाई के वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से हो रहे है हजारों लोग स्वस्थ*

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वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति से कई तरह के बीमारीयों का इलाज संभव है , परंतु जानकारी के अभाव में लोग इस पद्धति से इलाज नहीं करा पा रहे हैं । यह पद्धति कोई आम पद्धति नहीं बल्कि हमारे ऋषि-मुनियों को दिया गया अद्भुत ज्ञान है जो असाध्य से असाध्य रोगों को भी कुछ ही दिनों में ठीक करने की अद्भुत क्षमता रखती है। उक्त बातें शहर के जाने माने लेखक, प्रेरक व वैकल्पिक चिकित्सक मनोज कुमार कुशवाहा ने कही । उन्होंने आगे कहा कि नस संबंधित, हृदय रोग, बच्चों व बुजुर्गों की उम्र से संबंधित बीमारियां, दिमाग व तंत्र तंत्रिकाओं, फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के इलाज, लकवा, लम्बर स्पांडिलाइसिस, सर्वाइकल स्पॉन्डलाइसिस, साइटिका, घुटने का दर्द, कई तरह के मांसपेशियों और जोड़ों की समस्या, शुगर, बीपी थायराइड में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति बहुत ही लाभदायक है।उन्होंने आगे कहा कि कोरोना काल में कई लोगों को इस पद्धति से ठीक किया गया साथ ही साथ अब तक 100 से भी अधिक लोगों को अस्थमा ठीक किया गया है। कुछ दिन पहले ही बिनोवा भावे यूनिवर्सिटी के योग विभाग के डायरेक्टर डॉ अरुण नारायण भंडारी जो पिछले 35 वर्षों से हृदय रोग से ग्रसित थे उन्हें इसी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से उनके रोग से मुक्ति दिलाया गया साथ ही नींद न आना, भूख न लगना, बीपी और घुटने दर्द इत्यादि समस्याओं का समाधान भी महज 21 दिन में कर दिया गया वह भी बिना किसी दवाई सुई या जड़ी बूटी का उपयोग किये बिना । मनोज कुमार कुशवाहा कहते हैं की वैकल्पिक चिकित्सा में आधुनिक जीवनशैली से संबंधित बीमारियों, पुराने रोगों का इलाज, सभी तरह का दर्द आदि बीमारियों का इलाज संभव है। रोगियों को इस चिकित्सा पद्धति का फायदा जरूर उठाना चाहिए। वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति से इलाज सरल व सुलभ है।

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